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Nagpur

Crop Damage: नुकसान का होगा ई-पंचनामा, विजयलक्ष्मी बिदारी बोली- देश व प्रदेश में पहला प्रयोग 


नागपुर: प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों के नुकसान का समय पर, सटीक और त्वरित पंचनामा करने के लिए नागपुर डिवीजन में पहली बार पायलट आधार पर 'ई-पंचनामे' प्रणाली लागू की जा रही है। देश-प्रदेश में इस तरह का यह पहला प्रयोग है। ई-पंचनामा से किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करना संभव हो सकेगा। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में संभागायुक्त विजयलक्ष्मी बिदारी ने बताया कि विभाग में क्षति का पंचनामा 5 अगस्त तक पूरा कर लिया जायेगा।

राजस्व दिवस के अवसर पर संभागीय आयुक्त कार्यालय में आयुक्त बिदरी ने मीडिया को 'ई-पंचनामे' पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान फसलों, पशुधन आदि की हानि की प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचनामा के माध्यम से सरकार से प्राप्त धनराशि के लिए नागपुर मंडल में एक प्रयोगात्मक और अभिनव प्रयोग 'ई-पंचनामा' लागू करने का निर्णय लिया गया।"

उन्होंने आगे कहा, "दिसंबर 2022 से इस संबंध में मोबाइल एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर का निर्माण शुरू हुआ। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य सरकार के रिमोट सेंसिंग विभाग (एमएसएसी) और राजस्व एवं राहत एवं पुनर्वास विभाग के सहयोग से विकसित इस एप्लिकेशन का वास्तविक उपयोग शुरू कर दिया गया है।   

ऐसे होता है ई-पंचनामा

संभागीय आयुक्त ने कहा, "आपदा से हुए नुकसान का निरीक्षण करने के लिए तलाठी स्वयं किसान के बांध पर जाते हैं। वे वहां एक तस्वीर लेते हैं और उसे एप्लिकेशन पर अपलोड करते हैं। मंडल वार सर्वेक्षण और समूह संख्या वार नुकसान की यह जानकारी आवेदन पत्र पर पहले ही भरी जा चुकी है, जिसे तलाठी, ग्राम सेवक, कृषि सेवक द्वारा भरा जाता है। यह जानकारी ई-पीक निरीक्षण में किसानों द्वारा पहले से भरी गई जानकारी से सत्यापित की जाती है।" 

उन्होंने कहा, “अंतिम रूप से भरी गई जानकारी की जाँच तहसीलदारों द्वारा की जाती है और उनके अनुमोदन के अनुसार संभागीय राजस्व अधिकारी, कलेक्टर, संभागीय आयुक्त को भेजी जाएगी। यहां से यह जानकारी राज्य सरकार को भेजी जाएगी और राज्य सरकार के नियमों के अनुसार सरकार द्वारा घोषित सहायता सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में जमा की जाएगी।”

52 प्रतिशत नुकसान का हुआ पंचनामा

नागपुर संभाग में प्राकृतिक आपदाओं के कारण लगभग 30 हजार 599 हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ है और इस संबंध में 52 प्रतिशत तक पंचनामा पूरा किया जा चुका है। श्रीमती बिदरी ने यह भी कहा कि इस कार्य में तेजी लाने के लिए राजस्व सप्ताह के दौरान ही 5 अगस्त तक शेष सभी पंचनामे पूर्ण करने के आदेश जिलों को दिये गये हैं।

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